हनी सिंह भोजपुरी गाया गाना बिहारी लड़की को दिया मौका!
हनी सिंह ने मचाया तहलका, भोजपुरी में गाया गाना और बना दिया एक साधारण लड़की को सुपरस्टार!

उन्होंने अब भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखकर तहलका मचा दिया है। जी हां! हनी सिंह ने हाल ही में अपना पहला भोजपुरी गाना लॉन्च किया है, और इस गाने ने रातों-रात पूरे देश में धूम मचा दी है।
इस गाने की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस गाने में एक ऐसी लड़की को मौका दिया है, जिसे अब तक कोई नहीं जानता था। इस गाने के जरिए एक आम लड़की रातों-रात सुपरस्टार बन गई है।


भारत के सबसे मशहूर और चर्चित रैपर यो यो हनी सिंह ने एक बार फिर से धमाका कर दिया है। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है! हनी सिंह, जिन्हें अब तक पंजाबी और बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने धमाकेदार हिट्स के लिए जाना जाता था।।
'दिदिया के देवरा गढ़वले बाटे नजरि' ने मचाया हंगामा!
इस गाने का नाम है 'दिदिया के देवरा गढ़वले बाटे नजरि', जो कि अब पूरे देश में धूम मचा रहा है। गाने के बोल जितने दिलचस्प हैं, उतना ही इसका म्यूजिक भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर रहा है। यह गाना सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है
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। YouTube, Instagram, Facebook और TikTok जैसे प्लेटफार्म्स पर इस गाने का क्रेज इस कदर बढ़ चुका है कि हर कोई इस पर रील्स और वीडियो बना रहा है।
लेकिन इस गाने का असली जादू सिर्फ हनी सिंह की वजह से नहीं है, बल्कि इसमें खास योगदान दिया है एक नई आवाज़ ने। इस गाने में हनी सिंह के साथ गाने वाली लड़की कोई और नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की एक बेहद ही टैलेंटेड और संघर्षशील गायिका रागिनी विश्वकर्मा हैं।
कौन हैं रागिनी विश्वकर्मा?
अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह रागिनी विश्वकर्मा कौन हैं, जिनकी आवाज़ ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है।
रागिनी विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। रागिनी का बचपन बेहद कठिनाइयों में बीता। वह बचपन से ही संगीत में रुचि रखती थीं, लेकिन उनके पास न तो कोई बड़ा मंच था और न ही कोई सपोर्ट।
रागिनी गांव-गांव घूमकर तबला बजाती थीं और अपनी सुरीली आवाज़ में गाने गाकर लोगों का मनोरंजन करती थीं। लोग उनकी देसी कलाकारी के दीवाने थे, लेकिन वह कभी किसी बड़े मंच तक नहीं पहुंच सकीं। उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि जो एक बार सुन लेता, वह सुनता ही रह जाता। लेकिन जब तक उन्हें कोई बड़ा मौका नहीं मिला, तब तक वह गुमनाम रहीं।
हनी सिंह ने क्यों चुना रागिनी को?
अब सवाल यह उठता है कि हनी सिंह, जिन्होंने अब तक बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारों के साथ काम किया है, उन्होंने खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, शिल्पी राज जैसे नामी भोजपुरी सितारों को छोड़कर इस नई लड़की को क्यों चुना?
इसका जवाब खुद हनी सिंह ने एक इंटरव्यू में दिया। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कुछ अलग करना चाहता था। जब मैंने रागिनी की आवाज़ सुनी, तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि इतनी जबरदस्त आवाज़ एक गांव की लड़की की हो सकती है। मैंने तुरंत फैसला किया कि इस लड़की को मौका देना चाहिए। आज म्यूजिक इंडस्ट्री में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन असली टैलेंट को पहचानने वाला चाहिए।"
हनी सिंह के इस फैसले ने रागिनी विश्वकर्मा की पूरी जिंदगी बदल दी। यह गाना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा।
गाना हुआ सुपरहिट, सोशल मीडिया पर धमाका!
जैसे ही यह गाना लॉन्च हुआ, वैसे ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।
YouTube पर पहले ही दिन इस गाने ने 10 मिलियन व्यूज पार कर लिए।
इंस्टाग्राम पर #DidiyaKeDewar ट्रेंड करने लगा।
TikTok और Moj पर हजारों लोगों ने इस गाने पर वीडियो बनाए।
गाने को बॉलीवुड और भोजपुरी इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों ने सराहा।
भोजपुरी म्यूजिक का नया युग?
भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री को अक्सर अश्लील गानों के लिए जाना जाता है। लेकिन हनी सिंह ने इस धारणा को बदलने की कोशिश की है। उन्होंने अपने गाने में अश्लीलता से परहेज किया और एक साफ-सुथरा, शानदार म्यूजिक दिया। यह गाना सिर्फ एक हिट गाना नहीं बल्कि भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक नई शुरुआत है।
रागिनी विश्वकर्मा: संघर्ष से सफलता तक का सफर
आज रागिनी विश्वकर्मा एक सुपरस्टार बन चुकी हैं। लेकिन उनका यह सफर इतना आसान नहीं था।
बचपन से ही संगीत में रुचि थी, लेकिन कोई साधन नहीं था।
गांव-गांव घूमकर तबला बजाकर और गाने गाकर अपना गुजारा करती थीं।
सोशल मीडिया पर भी ज्यादा फॉलोअर्स नहीं थे।
लेकिन किस्मत ने उन्हें हनी सिंह से मिलवा दिया और उनकी जिंदगी बदल गई।
अब रागिनी के पास कई बड़े ऑफर्स आ रहे हैं। भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े-बड़े डायरेक्टर्स उनसे संपर्क कर रहे हैं। बॉलीवुड से भी उन्हें ऑफर्स मिल सकते हैं।

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